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	<title>इनवॉइस &#8211; OpenBook Blog</title>
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	<description>Invoicing, Billing, Banking, Accounting &#38; GST</description>
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	<title>इनवॉइस &#8211; OpenBook Blog</title>
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		<title>OpenBook पर आसानी से मैनेज़ करें बिज़नेस की Inventory</title>
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		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Dec 2021 07:32:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इनवॉइस]]></category>
		<category><![CDATA[inventory]]></category>
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					<description><![CDATA[बिज़नेस स्मॉल (Small business) हो या बड़ा, उसे अच्छे से चलाने के लिए कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। सही कहते हैं कि बिज़नेस (Business) शुरू करने भर से ही बिज़नेस सफल (Successful business) नहीं होता है, बल्कि उसका सही तरीके से मैनेज़मेंट करना पड़ता है। बिज़नेस मैनेजमेंट (Business management) से मतलब बैंकिंग (Banking), [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस स्मॉल (Small business) हो या बड़ा, उसे अच्छे से चलाने के लिए कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। सही कहते हैं कि बिज़नेस (Business) शुरू करने भर से ही बिज़नेस सफल (Successful business) नहीं होता है, बल्कि उसका सही तरीके से मैनेज़मेंट करना पड़ता है। बिज़नेस मैनेजमेंट (Business management) से मतलब बैंकिंग (Banking), अकाउंटिंग (Accounting), एक्सपेंसेस (Expenses), कैशफ़्लो (Cashflow), इन्वेंटरी मैनेज़ (Inventory management) करने से है। अगर इन सभी चीजों पर बराबर ध्यान नहीं दिया गया, तो बिज़नेस (Business) के सफल होने की संभावना काफ़ी कम हो जाती है। जिस तरह से बिज़नेस के लिए बैंकिंग (Banking) ज़रूरी होती है, उसी तरह से इन्वेंटरी मैनेज़ (Inventory management) करना भी बहुत ज़रूरी होता है। आज हम इस ब्लॉग में बात करेंगे कि इन्वेंटरी क्या है (What is inventory?) और उसे आसानी से कैसे मैनेज़ (How to manage inventory easily) कर सकते हैं।</span></p>
<h3><b>इन्वेंटरी क्या है:</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">इन्वेंटरी (Inventory) का मतलब कच्चे माल (Raw material), बिक्री के लिए उपलब्ध आइटम्स (Items available for sale) और बिक्री के लिए तैयार होने वाले आइटम्स से है। आसान शब्दों में इन्वेंटरी को स्टॉक (Stock) भी कहा जा सकता है। किसी भी बिज़नेस की बैलेंस शीट (balance sheet) में इन्वेंटरी को संपत्ति (Asset) के रूप में माना जाता है, क्योंकि आइटम्स बिकने के बाद वह कैश (Cash) में बदल जाता है। इन्वेंटरी को मर्चेंडाइज (Merchandise) के रूप में भी माना जाता है, जो उन सामग्रियों और सामानों को कहते हैं, जिन्हें व्यवसायी भविष्य में अपने ग्राहकों को बेचने के लिए रखते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">इससे साफ़ हो जाता है कि किसी भी बिज़नेस के लिए इन्वेंटरी (Inventory) कितनी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका स्मॉल बिज़नेस (Small business) ठीक तरह से चलता रहे तो अब आपको बिज़नेस की इन्वेंटरी को मैनेज़ (Management of business inventory) करने पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए।</span></p>
<h3><b>बिज़नेस में इन्वेंटरी का महत्व:</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">किसी भी बिज़नेस के लिए इन्वेंटरी कितनी महत्वपूर्ण होती है (Importance of inventory for businesses), इसे हम एक साधारण से उदाहरण द्वारा समझने की कोशिश करते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">गुप्ता जी किराने की दुकान (Kirana shop) चलाते हैं और वह अपने सभी ग्राहकों (Customers) को हमेशा खुश रखने की कोशिश करते हैं। वह ग्राहकों की ज़रूरत का हर आइटम अपनी दुकान में रखते हैं। हालांकि, कई बार वह कुछ आइटम्स मंगाना भूल जाते हैं, जिसकी वजह से उनके ग्राहकों को ख़ाली हाथ वापस जाना पड़ता है। इसकी वजह से गुप्ता जी के बिज़नेस (Business) पर बुरा असर पड़ता है। वहीं, अगर गुप्ता जी दुकान की इन्वेंटरी (Inventory) पर ध्यान देते, तो शायद ऐसा नहीं होता। अगर वो इन्वेंटरी (Inventory) पर ध्यान देते तो उन्हें पता होता कि कौन-कौन से आइटम्स हैं और किन आइटम्स को ऑर्डर (Order) करने की ज़रूरत है। </span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">यही वजह है कि इन्वेंटरी, स्मॉल बिज़नेस (Small business) से लेकर बड़े बिज़नेस (Evolved business) तक सबके लिए महत्वपूर्ण होती है। अगर इसका सही तरीके से मैनेज़मेंट नहीं किया गया तो बिज़नेस पर बुरा असर पड़ता है और ग्राहकों का भरोसा भी टूट जाता है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">इन्वेंटरी (Inventory) को मैनेज़ करने के लिए पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) बनाए जाते हैं। आइए अब जानते हैं कि पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) किसे कहते हैं और इन्वेंटरी (Inventory) के लिए यह क्यों उपयोगी है।</span></p>
<h3><b>पर्चेज़ ऑर्डर क्या है:</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">वेंडर (Vendor) से ऑर्डर किए जाने वाले आइटम्स की लिस्ट को पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) कहते हैं। मान लीजिए गुप्ता जी किराने की दुकान के ख़त्म हो चुके आइटम्स जैसे दाल, तेल, चीनी, नामक, साबुन को ऑर्डर करने के लिए लिस्ट बनाते हैं। वह लिस्ट में आइटम्स के साथ ही उसकी मात्रा यानी क्वांटिटी भी लिखते हैं। गुप्ता जी की उस लिस्ट को पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) कहा जा सकता है। क्योंकि गुप्ता जी इसी लिस्ट की सहायता से वेंडर (Vendor) के पास आइटम्स (Items) का ऑर्डर प्लेस करेंगे।</span></p>
<h3><b>पर्चेज़ ऑर्डर का इन्वेंटरी में उपयोग:</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase Order), इन्वेंटरी मैनेज़मेंट (Inventory management) का एक हिस्सा है। अगर आप अपने बिज़नेस की इन्वेंटरी (Inventory of business) को मैनेज़ करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) बनाना पड़ेगा। इसलिए हम कह सकते हैं कि पर्चेज़ ऑर्डर, इन्वेंटरी मैनेज़मेंट के लिए बहुत ज़्यादा उपयोगी होता है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">आज के तकनीकी युग (Technical era) में ज़्यादातर काम तकनीकी (Technology) की सहायता से होने लगे हैं। इससे गलती होने की संभावना भी काफ़ी कम हो जाती है। ऐसे में अगर आप अभी भी अपने बिज़नेस की इन्वेंटरी (Inventory) को मैनेज़ करने के लिए पेपर पर पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) बनाते हैं, तो ऐसा करना भी बंद कर दें। आप OpenBook की मदद से अपने स्मार्टफ़ोन पर ही पर्चेज़ ऑर्डर (Purchase order) बनाकर वेंडर (Vendor) को उनके व्हाट्सऐप, SMS या ईमेल पर भेज सकते हैं और अपनी इन्वेंटरी को काफ़ी आसान बना सकते हैं। सबसे बड़ी बात आप OpenBook से ही तुरंत उसकी पेमेंट (Payment) भी कर सकते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">आपको बता दें कि <a href="https://blog.openbook.co/hi/business-banking-made-simple/">OpenBook बिज़नेस को आसानी से मैनेज़ करने के लिए एक ऑनलाइन बैंक अकाउंट</a> (Online bank account) देता है। जिससे आप अपने बिज़नेस की बिलिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग और टैक्स सब कुछ एक जगह पर मैनेज़ कर सकते हैं। OpenBook आपको लो स्टॉक की जानकारी भी देता है, जिससे स्टॉक कम होने पर आप उसे आसानी से मैनेज़ कर सकते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">ऐसे में ज़्यादा इंतज़ार मत कीजिए। अपने बिज़नेस को मैनेज़ करने के लिए <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=co.openbook" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook इस्तेमाल करें</a> और अपना #BusinessकरोSimple.</span></p>
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		<title>इन 5 वजहों से Small Businesses को करना चाहिए Estimate का उपयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Aug 2021 12:14:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इनवॉइस]]></category>
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					<description><![CDATA[बिज़नेस छोटा हो या बड़ा उसे मैनेज़ करते समय कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। आप सभी लोग जानते हैं कि बिज़नेस को पैसों से मैनेज़ किया जाता है और छोटे बिज़नेस के पास ज़्यादा पैसे नहीं होते हैं। ऐसे में उन्हें अपने एक-एक पैसे को सही तरह से इस्तेमाल करना होता है, जिससे [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस छोटा हो या बड़ा उसे मैनेज़ करते समय कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। आप सभी लोग जानते हैं कि बिज़नेस को पैसों से मैनेज़ किया जाता है और छोटे बिज़नेस के पास ज़्यादा पैसे नहीं होते हैं। ऐसे में उन्हें अपने एक-एक पैसे को सही तरह से इस्तेमाल करना होता है, जिससे बिज़नेस को आगे बढ़ाया जा सके। इसलिए बिज़नेस को मैनेज़ करते समय कोई गलती न हो, व्यापारी एस्टीमेट्स (Estimates) बनाते हैं। आज हम आपको इस ब्लॉग में बताएंगे कि एस्टीमेट (Estimate) क्या होता है और छोटे बिज़नेस के लिए यह बनाना क्यों ज़रूरी होता है।</span></p>
<h3><b>एस्टीमेट(Estimate) क्या है?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">एस्टीमेट्स (Estimate) एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है, जो किसी प्रोडक्ट या प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत की जानकारी देता है। बता दें कि एस्टीमेट को कोटेशन भी कहा जा सकता है। छोटे बिज़नेस इसे संभावित ग्राहकों (Potential Customers) के लिए बनाते हैं, ताकि दोनों पार्टी प्रोडक्ट के बारे में सब कुछ अच्छे से जान सकें। उदाहरण के लिए अगर आप व्यापारी हैं तो आप अपनी पार्टियों को सामान बेचने से पहले आइटम्स और उसकी प्राइस डिटेल्स के साथ कोटेशन भेज सकते हैं, जिससे उन्हें आइटम्स के बारे में सब कुछ पहले से पता चल जाए।</span></p>
<h3><b>इन वजहों से छोटे बिज़नेस को बनाने चाहिए एस्टीमेट्स(estimates):</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">छोटे बिज़नेस के लिए इन पांच वजहों से एस्टीमेट्स बनाना बहुत ही ज़रूरी होता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें:</span></p>
<ol>
<li><b>ग्राहक से अच्छे संबंध बनाने के लिए: </b>दरअसल, एस्टीमेट्स में प्रोडक्ट या आइटम्स से जुड़ी हार छोटी-बड़ी डिटेल्स और प्राइस शामिल होता है, जिस पर दोनों पार्टियां सहमत होती हैं। ऐसे में अगर व्यापारी और ग्राहक दोनों एक बात से सहमत होते हैं, तो दोनों के संबंध अच्छे बनते हैं।</li>
<li><b>मैनेज़मेंट में होती है आसानी: </b>एस्टीमेट बनाने पर प्रोडक्ट या आइटम्स बनाने या ख़रीदने से लेकर उसे बेचने में लगने वाले समय और पैसों की सही जानकारी मिलती है। इस तरह आपको पता चलता है कि आपको प्रोडक्ट को कितने में बेचना है, जिससे बिज़नेस को फ़ायदा हो सके।</li>
<li><b>तय करने में आसानी होती है कि आपको प्रोडक्ट बेचना है या नहीं: </b>कोई भी प्रोडक्ट देखने में कितना भी अच्छा क्यों न हो, लेकिन एस्टीमेट के बिना आप यह नहीं जान पाएंगे कि इसे बेचने से फ़ायदा होगा या नुकसान। इससे आपको यह तय करने में आसानी होगी कि आपको प्रोडक्ट बेचना है या नहीं बेचना है।</li>
<li><b>बजट मैनेज़मेंट में मिलती है मदद: </b>एस्टीमेट बनाने से यह पता चलता है कि किसी भी प्रोडक्ट को बेचने से पहले उसे ख़रीदने के लिए आपके पास पैसे हैं या नहीं हैं। अगर आपके पास पैसे नहीं हैं तो आपको कितने पैसों की ज़रूरत पड़ेगी और उसका इंतज़ाम कहा से किया जाएगा, इसकी सही समझ एस्टीमेट्स से मिल सकती है।</li>
<li><b>डिलीवरी डेट का अनुमान लगाने में होती है आसानी: </b>एस्टीमेट की मदद से यह पता लगता है कि कोई भी प्रोडक्ट बन कर कब तक तैयार होगा और उसकी डिलीवरी कब तक हो सकती है। इससे पार्टियों को ज़्यादा समय तक इंतज़ार नहीं करना पड़ता है।</li>
</ol>
<h3><b>OpenBook से आसानी से बनाएं एस्टीमेट्स(estimates)</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;"><a href="https://blog.openbook.co/hi/openbook-%e0%a4%8f%e0%a4%95-app-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">छोटे बिज़नेस की परेशानियों को ध्यान में रखकर हमने OpenBook ऐप बनाया है</a>, जिसकी मदद से कोई भी अपने पूरे बिज़नेस को आसानी से मैनेज़ कर सकता है। OpenBook से एस्टीमेट बनाना बहुत ही आसान है। आप OpenBook से मिनटों में एस्टीमेट बनाकर अपनी पार्टियों को भेज सकते हैं या उसे सेव करके रख सकते हैं। </span></p>
<h4><strong>OpenBook से एस्टीमेट(estimate) बनाने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स को फ़ॉलो करें:</strong></h4>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">सबसे पहले OpenBook ऐप खोलें और डैशबोर्ड पर दिखने वाले एस्टीमेट सेक्शन को क्लिक करें।</span></li>
<li>इसके बाद पार्टी का नाम एंटर करके आइटम्स सेलेक्ट करें।</li>
<li>आपको जो आइटम्स सेलेक्ट करने हैं, अगर वो पहले से नहीं बनाए गए हैं, तो आप नए आइटम्स भी बना सकते हैं।</li>
<li>इसके बाद टोटल अमाउंड ऐड करें। अगर आप कोई एडिशनल डिटेल्स ऐड करना चाहते हैं, तो ऐड कर सकते हैं।</li>
<li>इतना करते ही आपका एस्टीमेट तैयार हो जाता है। आप चाहें तो इसे सेव करके रख सकते हैं या &#8220;सेव और सेंड करें&#8221; पर क्लिक करके इसे अपनी पार्टियों को भेज सकते हैं।</li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">इस ब्लॉग को पढ़कर आप समझ गए होंगे कि छोटे बिज़नेस के लिए आख़िर एस्टीमेट बनाना क्यों ज़रूरी होता है। इसके साथ ही इसमें आपकी OpenBook किस तरह से मदद कर सकता है। OpenBook ऐप से आप एस्टीमेट बनाने के अलावा अपने छोटे बिज़नेस की बिलिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग और टैक्स को भी आसानी से मैनेज़ कर सकते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">अभी भी आप किसका इंतज़ार कर रहे हैं। आज ही <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=co.openbook" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook ऐप</a> डाउनलोड करो और अपना <a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank">#BusinessकरोSimple</a>.</span></p>
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			</item>
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		<title>Purchase Bill क्या है और OpenBook से आसानी से पर्चेज़ बिल कैसे बनाएं?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Jul 2021 11:31:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इनवॉइस]]></category>
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					<description><![CDATA[किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में वहां के छोटे बिज़नेस यानी MSMEs का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ठीक वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भी MSME की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रोज़ाना MSME सेक्टर में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन आज भी इस सेक्टर को कई परेशानियों का सामना करना [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में वहां के छोटे बिज़नेस यानी MSMEs का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ठीक वैसे ही भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भी MSME की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रोज़ाना MSME सेक्टर में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन आज भी इस सेक्टर को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसमें से एक महत्वपूर्ण परेशानी है पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बनाना और उसका रिकॉर्ड रखना।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पर्चेज़ बिल किसी भी बिज़नेस का महत्वपूर्ण अंग होता है। बिना इसके बिज़नेस के पास कोई रिकॉर्ड नहीं होता है कि उसने वेंडर से कौन-कौन से आइटम ख़रीदे हैं। कई मामलों में इसे ख़रीद का प्रमाण भी माना जाता है। ज़्यादातर लोग पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) और सेल्स इनवॉइस (Sales Invoice) के बीच के अंतर को नहीं समझ पाते हैं। आज हम आपको पर्चेज़ बिल क्या होता है और इसके क्या फ़ायदे हैं, इसके बारे में विस्तार से बताएंगे।</span></p>
<h4><b>पर्चेज़ बिल क्या है?</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) वेंडर द्वारा बेचे गए प्रोडक्ट के लिए दी जाने वाली रसीद को कहते हैं। दरअसल, पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है, जिसमें प्लेस किए गए ऑर्डर और उसके लिए की गई पेमेंट की पूरी डिटेल्स होती है। इस बिल को वेंडर सेल्स बिल या सेल्स इनवॉइस (Sales Invoice) कहता है, क्योंकि वह प्रोडक्ट को बेचता है। वहीं, बिज़नेस के लिए यह पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) होती है, क्योंकि वह वेंडर से कोई आइटम ख़रीदता है। जहां, सेल्स इनवॉइस (Sales Invoice) में मिलने वाले पैसों की डिटेल्स होती है, वहीं, पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) में दिए जाने वाले पैसों की डिटेल्स होती है।</span></p>
<h4><b>हर पर्चेज़ बिल में होनी चाहिए ये महत्वपूर्ण डिटेल्स:</b></h4>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) का यूनिक रेफ़रेंस नंबर</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">बिल की डेट</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">ख़रीदे जाने वाले प्रोडक्ट की डिटेल्स जैसे नाम और उसकी मात्रा</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">प्रोडक्ट का प्राइस और उस पर दिया जाने वाला डिस्काउंट</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">नाम और कॉन्टैक्ट डिटेल्स</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पेमेंट किए गए अमाउंट की डिटेल्स</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">मान्य GST और TDS</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पेमेंट ऑप्शन और उसकी डिटेल्स</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">आवश्यकता के अनुसार नियम और शर्तें</span></li>
</ul>
<h4><b>किसी भी बिज़नेस के लिए पर्चेज़ बिल बनाना क्यों ज़रूरी है?</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">अगर आप छोटा बिज़नेस (Small Business) चालाते हैं, तो आपके लिए पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बनाना बहुत ही ज़रूरी है। इसके कई फ़ायदे हैं, जिनके बारे में नीचे बताया गया है।</span></p>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) इस बात का प्रमाण होती हैं, कि आपने किस सर्विस या प्रोडक्ट के लिए ट्रांजेक्शन किया है।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल इन्वेंटरी मैनेज़मेंट में काफ़ी मदद करती है।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) आपको आपकी सभी पेमेंट पर नज़र रखने में मदद करती हैं।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बैंक अकाउंट और बिज़नेस की अकाउंटिंग को मैच कराने में मदद करती हैं।</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) कितना महत्वपूर्ण होता है, यह जानने के बाद भी कई व्यापारी इसका कोई रिकॉर्ड नहीं रखते हैं। इस वजह से अक्सर उन्हें वेंडर को की गई पेमेंट का हिसाब रखने में परेशानी होती है। वहीं, कुछ वेंडर आज भी पुराने तरीके से पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) कागज पर बनाकर व्यापारियों को देते हैं, जिसके खोने या बर्बाद हो जाने का डर रहता है। ऐसे में ज़रा सोचिए कि अगर कागज पर बनाई हुई पर्चेज़ बिल (Purchase Bill)  किसी वजह से बर्बाद हो जाती है, तो क्या होगा? जी हां, आपने बिलकुल सही समझा! ऐसे में आपके बिज़नेस का या आपके वेंडर का नुकसान हो सकता हैग। साथ ही पेमेंट को मैच करवाने में भी काफ़ी परेशानी होगी।</span></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-243 aligncenter" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/07/purchase-bill-1.jpeg" alt="OpenBook-Billing, Banking, Accounting, GST" width="1887" height="1415" title="Purchase Bill क्या है और OpenBook से आसानी से पर्चेज़ बिल कैसे बनाएं? 2" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/07/purchase-bill-1.jpeg 1887w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/07/purchase-bill-1-300x225.jpeg 300w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/07/purchase-bill-1-1024x768.jpeg 1024w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/07/purchase-bill-1-768x576.jpeg 768w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/07/purchase-bill-1-1536x1152.jpeg 1536w" sizes="(max-width: 1887px) 100vw, 1887px" /></p>
<p><span style="font-weight: 400;">ऐसी परेशानी न हो, इसलिए आज के डिजिटल युग में कई व्यापारी डिजिटली पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बनाने लगे हैं। इसके लिए व्यापारी आधुनिक जमाने के ऐप और सॉफ़्टवेयर (App and Software) की मदद ले रहे हैं। लेकिन क्या इससे बिज़नेस की पूरी समस्याओं का समाधान हो रहा है? बिलकुल नहीं! केवल पर्चेज़ बिल (Purchase Bill)  बनाना ही बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) के अमाउंट को अकाउंटिंग से मैच करवाना भी एक बड़ी समस्या है। जिसे मैनुअली करने में काफ़ी समय और पैसा बर्बाद होता है। जबकि, व्यापारी अगर OpenBook का इस्तेमाल करें, तो समय और पैसे दोनों को बचा सकते हैं और उसका इस्तेमाल अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने में कर सकते हैं।</span></p>
<h4><b>OpenBook ने किया पर्चेज़ बिल बनाने की समस्या का समाधान:</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">आपको बता दें कि OpenBook ने छोटे बिज़नेस के रास्ते में आने वाली इन परेशानियों को जड़ से ख़त्म करने का ज़िम्मा उठाया है। OpenBook की मदद से अब व्यापारी आसानी से एक ही ऐप में अपने बिज़नेस के फ़ाइनेंस से संबंधित सभी ज़रूरतों को मैनेज़ कर सकते हैं। इससे आप आसानी से पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बना सकते हैं, जिसे उनको अपनी अकाउंटिंग से भी मैच नहीं करवाना होगा। दरअसल, OpenBook का ऑटो-मैच फ़ीचर आपकी सभी पेमेंट्स को अपने आप आपके <a href="https://blog.openbook.co/hi/how-your-accounting-is-simplified-by-openbooks-automatch-2/">बिज़नेस की अकाउंटिंग से मैच</a> करवा देता है।</span></p>
<h4><b>OpenBook से कैसे बनाएं पर्चेज़ बिल?</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">OpenBook से पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बनाना इतना आसान है, जितना पहले कभी नहीं था। बस आपको कुछ सामान्य से स्टेप्स को फ़ॉलो करना होता है और आपकी पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बनकर तैयार हो जाती है। आइए आपको बताते हैं कि आप कैसे OpenBook से आसानी से पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) बना सकते हैं।</span></p>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">अगर आपके फ़ोन में OpenBook ऐप पहले से इंस्टॉल नहीं है, तो प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड करें और इंस्टॉल करें।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">अब OpenBook ऐप खोलें और डैशबोर्ड पर दिखने वाले &#8220;पर्चेज़ बिल&#8221; (Purchase Bill) आइकन पर क्लिक करें।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">इसके बाद अपने वेंडर का नाम ऐड करके ख़रीदे जाने वाले आइटम्स को सेलेक्ट करें।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">अगर आपने पहले से आइटम्स नहीं बनाया है, तो  &#8220;नया आइटम बनाएं&#8221; पर क्लिक करके आइटम का नाम, उसकी प्राइस और GST की डिटेल्स भी ऐड करें।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">इसके अलावा अगर आप अपनी पर्चेज़ बिल (Purchase Bill) में कैश पेड या एडिशनल डिटेल्स जैसी जानकारी ऐड करना चाहते हैं, तो वह भी कर सकते हैं।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">अपनी पार्टी को मैनेज़ करने के लिए &#8220;पार्टीज़&#8221; पर क्लिक करें और उनकी बैंक डिटेल्स भी ऐड करें, ताकि वेंडर को पेमेंट करने में परेशानी न हो।<br />
</span></li>
</ul>
<p class="responsive-video-wrap clr"><iframe title="How to create a purchase bill on OpenBook(Hindi)" width="1200" height="675" src="https://www.youtube.com/embed/28V6-8dVkII?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>OpenBook से पर्चेज़ बिल बनाने के फ़ायदे:</p>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">आप OpenBook की मदद से तुरंत पर्चेज़ बिल बनाकर उसकी पेमेंट कर सकते हैं।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पेमेंट करने के बाद पर्चेज़ बिल अपने आप आपके बिज़नेस की अकाउंटिंग से ऑटो-मैच हो जाती है।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">आप अपने वेंडर को डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेटबैंकिंग या UPI के माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">इस बात का ध्यान रखें कि पेमेंट करने से पहले OpenBook ऐप पर आपकी KYC पूरी हो।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">OpenBook आपको और आपके वेंडर दोनों को खुश रखता है।</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">अभी भी आप किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं। आज ही <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=co.openbook" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook</a> ऐप डाउनलोड करके अपना <a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank">#BusinessकरोSimple</a>.</span></p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>अब छोटे बिज़नेस के लिए sales invoice बनाना और बिलिंग हुई आसान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 May 2021 12:53:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[इनवॉइस]]></category>
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					<description><![CDATA[किसी भी बिज़नेस के लिए इनवॉइस बनाना या बिलिंग करना आसान होने के साथ ही बहुत महत्वपूर्ण भी है। कई मामलों में इन दोनों को बिक्री का कानूनी प्रमाण भी माना जाता है। आसान शब्दों में कहें तो बिल या sales invoice के बिना ग्राहक के पास कोई कानूनी प्रमाण नहीं होता है कि उसने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">किसी भी बिज़नेस के लिए इनवॉइस बनाना या बिलिंग करना आसान होने के साथ ही बहुत महत्वपूर्ण भी है। कई मामलों में इन दोनों को बिक्री का कानूनी प्रमाण भी माना जाता है। आसान शब्दों में कहें तो बिल या sales invoice के बिना ग्राहक के पास कोई कानूनी प्रमाण नहीं होता है कि उसने सामान ख़रीदा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि किसी भी बिज़नेस को बेहतर तरीके मैनेज़ करने के लिए इनका होना विक्रेता और ख़रीदार दोनों के लिए ज़रूरी है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">आइए बिल और इनवॉइस के बारे में और अच्छी तरह जानने का प्रयास करते हैं।</span></p>
<h4><b>नीचे कुछ महत्वपूर्ण डिटेल्स के बारे में बताया गया है, जो हर इनवॉइस में होनी चाहिए:</b></h4>
<ol>
<li><span style="font-weight: 400;">विक्रेता का नाम और पता</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">ग्राहक का नाम, कॉन्टैक्ट नंबर और पता </span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">आइटम का नाम और उसकी मात्रा</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">आइटम का मूल्य और उस पर दी जाने वाली छूट</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">मान्य GST और TDS </span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">पेमेंट ऑप्शन और उसकी डिटेल्स</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">आवश्यकता के अनुसार नियम और शर्तें</span></li>
</ol>
<h4><b>आख़िर क्यों किसी भी बिज़नेस के लिए सेल्स इनवॉइस और बिल इतनी महत्वपूर्ण होती हैं?</b></h4>
<ol>
<li><span style="font-weight: 400;">बिल और इनवॉइस इस बात का प्रमाण होती हैं कि किसी सर्विस या प्रोडक्ट की ख़रीद-बिक्री से संबंधित ट्रांजेक्शन हुआ है।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">बिल और इनवॉइस आपको पेमेंट की शर्तें निर्धारित करने की अनुमति देकर पेमेंट पर नज़र रखने में मदद करती हैं।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">बिल और इनवॉइस बैंक खाते की अकाउंटिंग और ऑटो-मैच में मदद करती हैं।</span></li>
</ol>
<p><span style="font-weight: 400;">बिल और सेल्स इनवॉइस के महत्व को जानने के बाद भी अक्सर कई व्यवसायी इसे अनदेखा कर देते हैं। इसकी वजह से उन्हें कई बार परेशानी भी होती है। प्राचीनकाल से लेकर वर्तमान के डिजिटल युग में भी कई व्यवसायियों के बिज़नेस करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आज भी वो कागज की बिलों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आप कल्पना कीजिए कि अगर गलती से कभी कोई एक बिल खो जाए तो क्या होगा? जी हां, आप बिलकुल सही समझे! या तो आपका नुकसान होगा या तो ग्राहकों का नुकसान होगा।</span></p>
<p><img decoding="async" class="wp-image-133 size-full aligncenter" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-2-1.jpeg" alt="OpenBook-Sales invoice &amp; Billing" width="608" height="612" title="अब छोटे बिज़नेस के लिए sales invoice बनाना और बिलिंग हुई आसान 5" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-2-1.jpeg 608w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-2-1-298x300.jpeg 298w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-2-1-150x150.jpeg 150w" sizes="(max-width: 608px) 100vw, 608px" /></p>
<p><span style="font-weight: 400;">इसी परेशानी से बचने के लिए वर्तमान में ज़्यादातर व्यवसायियों ने डिजिटल इनवॉइस बनाना शुरू कर दिया है, लेकिन क्या इससे समस्या पूरी तरह से हल हो रही है? जी नहीं! दरअसल, डिजिटल इनवॉइस या बिल बनाने के बाद भी व्यवसायियों को अकाउंटिंग या पेमेंट को मैच करने में घंटो समय बर्बाद करना पड़ता है। उस समय का इस्तेमाल वो अपने बिज़नेस को बढ़ाने में लगा सकते हैं।</span></p>
<p><img decoding="async" class="wp-image-134 size-full aligncenter" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-1.jpeg" alt="Invoicing &amp; Billing" width="500" height="477" title="अब छोटे बिज़नेस के लिए sales invoice बनाना और बिलिंग हुई आसान 6" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-1.jpeg 500w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/invoice-meme-1-300x286.jpeg 300w" sizes="(max-width: 500px) 100vw, 500px" /></p>
<p><span style="font-weight: 400;">अगर आप भी इस समस्या का सामना करते हैं, तो अब आपको परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">जी हां, अब आप इनवॉइस और बिलिंग में होने वाली समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।</span></p>
<p><b>OpenBook इनवॉइस और बिलिंग को इतना आसान बनाता है, जैसा पहले कभी नहीं था</b></p>
<p><span style="font-weight: 400;">OpenBook की मदद से व्यवसायी अब आसानी से <a href="https://blog.openbook.co/hi/openbook-%e0%a4%8f%e0%a4%95-app-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">एक App में अपने बिज़नेस फ़ाइनेंस से संबंधित सभी चीजें मैनेज कर सकते हैं</a>। है न यह काफ़ी हैरान करने वाला? यह App छोटे बिज़नेस और उनके मालिकों को GST सहित इनवॉइस बनाने की सुविधा देती है। आपको केवल पार्टी की डिटेल्स, बेचे जाने वाले आइटम की डिटेल्स और आइटम का मूल्य ऐड करने की ज़रूरत है। इतना करते ही आपकी डिजिटल इनवॉइस बन कर तैयार हो जाती है। आप उस डिजिटल इनवॉइस को बड़ी आसानी से अपने ग्राहकों या पार्टियों को भेज सकते हैं।</span></p>
<p class="responsive-video-wrap clr"><iframe title="How to create an Invoice in 2 minutes | OpenBook App" width="1200" height="675" src="https://www.youtube.com/embed/557Xe3yq154?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p><span style="font-weight: 400;">सबसे मज़ेदार बात यह है कि आप जो भी ट्रांजेक्शन करते हैं, वह आपकी अकाउंटिंग में अपने आप दिखने लगती है। इसके अलावा आप पेमेंट के लिए अपने ग्राहकों को रिमाइंडर भेज सकते हैं। साथ ही जब कोई भी ग्राहक अपने पसंदीदा पेमेंट मोड द्वारा इनवॉइस का पेमेंट करता है, तब वह ऑटो-मैच हो जाता है। </span><span style="font-weight: 400;">अब आप समझ गए होंगे कि हमारे #BusinessकरोSimple कहने का मतलब बिलकुल यही है!</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस के <a href="https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-20-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">फ़ाइनेंस को मैनेज़ करने</a> में लगने वाले समय को बचाकर आप अपने बिज़नेस को बढ़ाने में लगा सकते हैं। </span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">तो अब आप किसका इंतज़ार कर रहे हैं। आज ही <a href="https://bit.ly/3vsQ4SJ" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook App डाउनलोड करो</a> और अपना <a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank">#BusinessकरोSimple</a>.</span></p>
]]></content:encoded>
					
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