<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>अकाउंटिंग &#8211; OpenBook Blog</title>
	<atom:link href="https://blog.openbook.co/hi/category/%E0%A4%85%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%82%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://blog.openbook.co</link>
	<description>Invoicing, Billing, Banking, Accounting &#38; GST</description>
	<lastBuildDate>Mon, 14 Mar 2022 12:27:39 +0000</lastBuildDate>
	<language>hi-IN</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/04/logo.png</url>
	<title>अकाउंटिंग &#8211; OpenBook Blog</title>
	<link>https://blog.openbook.co</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>वर्किंग कैपिटल क्या होता है और यह किसी भी बिज़नेस के लिए क्यों ज़रूरी है?</title>
		<link>https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be-2/</link>
					<comments>https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Feb 2022 06:44:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अकाउंटिंग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blog.openbook.co/?p=379</guid>

					<description><![CDATA[पूंजी यानी कैपिटल (Capital) हर बिज़नेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। बिज़नेस छोटा हो या बड़ा, पर्याप्त कैपिटल के बिना उसे लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता है। बिज़नेस बिना रुकावट के लंबे समय तक चले और लाभ कमाता रहे, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में कैपिटल की व्यवस्था करना ज़रूरी होता है। कई [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">पूंजी यानी कैपिटल (Capital) हर बिज़नेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। बिज़नेस छोटा हो या बड़ा, पर्याप्त कैपिटल के बिना उसे लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकता है। बिज़नेस बिना रुकावट के लंबे समय तक चले और लाभ कमाता रहे, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में कैपिटल की व्यवस्था करना ज़रूरी होता है। कई लोग कैपिटल की कमी होने पर बिज़नेस लोन लेते हैं और अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में आज हम इस ब्लॉग में वर्किंग कैपिटल क्या होता है और यह किसी भी बिज़नेस के लिए क्यों ज़रूरी है, इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। इसके बारे में जानने के लिए ब्लॉग को अंत तक ज़रूर पढ़ें।</span></p>
<h3><b>वर्किंग कैपिटल क्या होता है?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">कार्यशील पूंजी यानी वर्किंग कैपिटल (Working capital)  उस कैपिटल को कहते हैं, जो बिज़नेस के दैनिक कार्यों के लिए ज़रूरी होता है। आसान शब्दों में कहें तो बिज़नेस को सही तरीक़े से बिना किसी रुकावट के लगातार चलाने के लिए जिस कैपिटल की आवश्यकता होती है, उसे ही वर्किंग कैपिटल कहा जाता है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">किसी भी बिज़नेस के दैनिक कार्य या ख़र्चों में माल ख़रीदने में लगने वाला खर्च, कर्मचारियों की सैलरी, दुकान या ऑफ़िस का किराया, बिजली या फोन बिल आदि शामिल होता है। रोज़ाना इन ख़र्चों को मैनेज़ करने के लिए वर्किंग कैपिटल की आवश्यकता होती है। इन ख़र्चों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इन्ही की वजह से बिज़नेस चलता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि वर्किंग कैपिटल हर बिज़नेस की बैकबोन यानी रीढ़ होती है। </span></p>
<h3><b>वर्किंग कैपिटल के प्रकार:</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">वर्किंग कैपिटल मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है-</span></p>
<ol>
<li><b>पर्मानेंट वर्किंग कैपिटल: </b>किसी व्यक्ति द्वारा इनवॉइस या संपत्ति (Asset) को कैश में बदलने से पहले ही लायबिलिटीज़ की पेमेंट्स करने के लिए जिस कैपिटल की आवश्यकता होती है, उसे स्थायी कार्यशील पूंजी यानी पर्मानेंट वर्किंग कैपिटल (Permanent working capital) कहते हैं। इस तरह के वर्किंग कैपिटल को ऑपरेटिंग साइकल के रूप में भी जाना जाता है। अधिकांश बिज़नेस को इस अंतर को भरने के लिए पर्मानेंट या चल रहे सॉल्यूशन की आवश्यकता होती है। इसे निश्चित वर्किंग कैपिटल के रूप में भी जाना जाता है। यह बिज़नेस को सही तरीक़े से चलाने के लिए आवश्यक न्यूनतम वर्किंग कैपिटल होता है।</li>
<li><b>वेरिएबल वर्किंग कैपिटल: </b>इस तरह के वर्किंग कैपिटल को किसी विशेष बिज़नेस में अस्थायी अवधि (Temporary period) के लिए इन्वेस्टमेंट के रूप में जाना जाता है। यही वजह है कि इसे उतार-चढ़ाव वाला वर्किंग कैपिटल भी कहा जाता है। जब भी बिज़नेस के आकार या बिज़नेस संपत्ति के आकार में कोई परिवर्तन होता है, उस समय यह कैपिटल भी बदल जाता है। वेरिएबल वर्किंग कैपिटल को दो अन्य कैटेगरी में बांटा गया है, जो निम्न हैं-
<ul>
<li><b>सीजनल वेरिएबल वर्किंग कैपिटल:</b><span style="font-weight: 400;"> यह वर्किंग कैपिटल किसी विशेष वर्ष के सबसे व्यस्त मौसम के लिए ज़रूरी होता है। कई बार बिज़नेस को अपने वर्किंग कैपिटल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लोन भी लेना पड़ सकता है। ऐसे समय में सीजनल वेरिएबल वर्किंग कैपिटल मदद करता है। यह कैपिटल सीजनल बिज़नेस की आवश्यकताओं को पूरा करता है, इसलिए इसे सीजनल वेरिएबल वर्किंग कैपिटल कहा जाता है।</span></li>
<li><b>स्पेशल वेरिएबल वर्किंग कैपिटल:</b><span style="font-weight: 400;"> किसी भी बिज़नेस में अनहोनी की स्थिति या असाधारण संचालन (Exceptional operations) के लिए इस तरह के वर्किंग कैपिटल की आवश्यकता हो सकती है। ये वो फंड होता है, जो प्राकृतिक आपदाओं या आग से होने वाली दुर्घटना के समय बिज़नेस के नुक़सान की भरपाई करने में काम आता है।<br />
</span></li>
</ul>
</li>
<li><b>रेगुलर वर्किंग कैपिटल: </b>किसी विशेष बिज़नेस द्वारा अपने बिज़नेस ऑपरेशन्स को फंड देने के लिए यानी बिज़नेस अच्छे से चलाने के लिए जिस न्यूनतम कैपिटल की आवश्यकता होती है, उसे रेगुलर वर्किंग कैपिटल कहते हैं। इसमें संसाधनों के लिए मज़दूरी, सैलरी या अन्य ऊपरी ख़र्चों की पेमेंट्स को शामिल किया जाता है।</li>
<li><b>ग्रॉस वर्किंग कैपिटल: </b>किसी भी बिज़नेस की वर्तमान संपत्ति में इन्वेस्ट किए गए कुल फंड अमाउंट को सकल कार्यशील पूंजी यानी ग्रॉस वर्किंग कैपिटल कहते हैं। इसमें शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट, मार्केटेबल सेक्योरिटीज़, इन्वेंटरी, अकाउंट्स रिसीवेबल और कैश शामिल होता है। किसी विशेष बिज़नेस की ऑपरेशनल कार्यक्षमता के बारे में अच्छे से जानने के लिए ग्रॉस वर्किंग कैपिटल में वर्तमान परिसंपत्तियों (Current assets) की वर्तमान देनदारियों (Current liabilities) से तुलना करनी पड़ती है।</li>
</ol>
<h3><b>बिज़नेस में वर्किंग कैपिटल का क्या महत्व है?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है, वर्किंग कैपिटल किसी भी बिज़नेस की दैनिक आवश्यकताओं और कार्यों को सही से मैनेज़ करने के लिए आवश्यक होता है, ताकि बिज़नेस बिना किसी परेशानी के निरंतर चलता रहे। इससे स्पष्ट होता है कि हर तरह के छोटे-बड़े बिज़नेस के लिए वर्किंग कैपिटल बहुत ही आवश्यक है। एक अनुभवी व्यापारी वर्किंग कैपिटल के महत्व को अच्छे से समझता है और इस बात का ध्यान रखता है कि उसके बिज़नेस में कभी भी वर्किंग कैपिटल की कमी न होने पाए। कई बार बिज़नेस में वर्किंग कैपिटल की कमी होने पर व्यापारी बिज़नेस लोन के अंतर्गत वर्किंग कैपिटल लोन भी लेते हैं, ताकि वो अपने बिज़नेस को बिना रुकावट के चला सकें।</span></p>
<h3><b>वर्किंग कैपिटल की कमी से बिज़नेस को क्या नुक़सान होता है?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">वर्किंग कैपिटल की कमी होने पर माल की ख़रीदारी, कर्मचारियों की सैलरी, दुकान या ऑफ़िस का किराया, बिज़नेस में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की मरम्मत, बिजली और फोन बिल की पेमेंट नहीं हो पाती है। ये सभी चीजें हर बिज़नेस के लिए बहुत ज़रूरी होती हैं। अगर समय पर इनकी पूर्ति नहीं हो पाती है, तो बिज़नेस के संचालन में रुकावट आती है और धीरे-धीरे बिज़नेस मुसीबत में फ़ंस जाता है। कर्मचारियों की सैलरी न देने पर धीरे-धीरे कर्मचारी छोड़कर चले जाते हैं, जिससे बिज़नेस की उत्पादकता (Productivity) पर असर पड़ता है। ज़्यादा दिनों तक ऐसी स्थिति होने पर बिज़नेस को बंद भी करना पड़ सकता है।</span></p>
<h3><b>वर्किंग कैपिटल की कमी को कैसे दूर करें?</b></h3>
<p><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस में वर्किंग कैपिटल की कमी को दूर करने के लिए सही योजना और मैनेज़मेंट की ज़रूरत पड़ती है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है-</span></p>
<ol>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>रिज़र्व फंड की व्यवस्था:</b><span style="font-weight: 400;"> एक समझदार व्यापारी हमेशा बिज़नेस से होने वाले लाभ का एक निश्चित हिस्सा रिज़र्व फंड के रूप में रखता है, ताकि मुश्किल समय में वह इस फंड का इस्तेमाल बिज़नेस को आगे बढ़ाने में कर सके। बिज़नेस में वर्किंग कैपिटल की कमी होने पर रिज़र्व फंड का इस्तेमाल किया जा सकता है।</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>कैश-फ़्लो मैनेज़मेंट:</b><span style="font-weight: 400;"> किसी भी बिज़नेस में कैश-फ़्लो मैनेज़मेंट बहुत ज़रूरी होता है, जिससे उसका कैश-फ़्लो हमेशा बेहतर रहे। उदाहरण के लिए, अगर आप कच्चे माल से कोई सामान बनाकर उसे बाज़ार में बेचते हैं, तो आपको उस सामान की लागत और लाभ मिलता है। आप लागत में से वर्किंग कैपिटल निकाल लें और उसका इस्तेमाल ज़रूरत पड़ने पर करें। इस तरह आपके बिज़नेस का कैश-फ़्लो भी सही रहेगा और वर्किंग कैपिटल की कमी भी नहीं होगी। </span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>फंड की सही योजना बनाएं:</b><span style="font-weight: 400;"> व्यापारियों को अपने बिज़नेस के दैनिक, साप्ताहिक या मासिक ख़र्चों का सही-सही आंकलन करने के बाद पहले से ही फंड की सही योजना बना लेनी चाहिए। ऐसा करके वर्किंग कैपिटल की कमी से बचा जा सकता है।</span></li>
</ol>
<p><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस के लिए जितना वर्किंग कैपिटल आवश्यक होता है, उतनी ही आवश्यक होती है उसकी बैंकिंग, बिलिंग और अकाउंटिंग का सही मैनेज़मेंट। अगर इन चीजों को अनदेखा कर दिया गया या इनको सही से मैनेज़ नहीं किया गया, तो वर्किंग कैपिटल होने के बाद भी बिज़नेस को चलाने में परेशानी हो सकती है। इससे बचने के लिए व्यापारी OpenBook ऐप या डेस्कटॉप वर्जन इस्तेमाल कर सकते हैं। यह छोटे बिज़नेस (MSME) की लगभग हर ज़रूरत को एक ही जगह पूरा करने में मदद करता है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">हर बिज़नेस के लिए बैंकिंग बहुत महत्वपूर्ण होती है और OpenBook उनकी इस ज़रूरत को समझते हुए लॉगिन करते ही मुफ़्त में ज़ीरो बैलेंस डिजिटल बिज़नेस बैंक अकाउंट देता है। जिसकी मदद से बिज़नेस संबंधी सभी तरह के ट्रांजेक्शन्स जैसे पेमेंट कलेक्शन और ट्रांसफ़र आसानी से किए जा सकते हैं। साथ ही इसकी मदद से डिजिटल सेल्स इनवॉइस, सेल्स रिटर्न, पर्चेज़ इनवॉइस, पर्चेज़ रिटर्न और एस्टीमेट्स भी बनाया जा सकता है। केवल यही नहीं <a href="https://blog.openbook.co/hi/business-reports-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b/">OpenBook कई तरह की ज़रूरी बिज़नेस रिपोर्ट्स देखने और उन्हें डाउनलोड करने की सुविधा भी देता है</a>, जिसका इस्तेमाल करके आप अपने बिज़नेस पर नज़र रख सकते हैं और उसे आगे भी बढ़ा सकते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">ऐसे में हम कह सकते हैं कि वर्किंग कैपिटल हर बिज़नेस के लिए महत्वपूर्ण होता है और बिज़नेस के कैपिटल को सही से मैनेज़ करने में <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=co.openbook" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook</a> मदद करता है। यह आपके बिज़नेस को सही तरीक़े से मैनेज़ करने में आपकी सहायता करता है, जिससे आपका बिज़नेस बिना किसी परेशानी के आगे बढ़ता रहे और आप लाभ कमाते रहें।</span></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%be-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Business Reports जो आपके बिज़नेस को अच्छे से चलाने में मदद कर सकती हैं</title>
		<link>https://blog.openbook.co/hi/business-reports-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b/</link>
					<comments>https://blog.openbook.co/hi/business-reports-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Jun 2021 15:24:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अकाउंटिंग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blog.openbook.co/?p=161</guid>

					<description><![CDATA[यह किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है कि छोटे और सूक्ष्म उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। ज़्यादातर व्यवसायी आस-पास होने वाली गतिविधियों या अपनी समझ के अनुसार ही अपने बिज़नेस को मैनेज़ करते हैं। अक्सर बिज़नेस से काफ़ी लगाव होने के बाद भी वो बिज़नेस को आगे बढ़ाने से चूक जाते [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">यह किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है कि छोटे और सूक्ष्म उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। ज़्यादातर व्यवसायी आस-पास होने वाली गतिविधियों या अपनी समझ के अनुसार ही अपने बिज़नेस को मैनेज़ करते हैं। अक्सर बिज़नेस से काफ़ी लगाव होने के बाद भी वो बिज़नेस को आगे बढ़ाने से चूक जाते हैं। इसके पीछे कई वजहें होती हैं, जिन पर उनका ध्यान नहीं जाता है। Business reports भी उन्ही में से एक चीज़ है, जो किसी भी बिज़नेस को आगे बढ़ने में काफ़ी मदद करती हैं। बिज़नेस रिपोर्ट बिज़नेस संबंधी सही निर्णय लेने और छोटे व्यवसायियों को आगे बढ़ने में मदद करती हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">Business reports किसी भी बिज़नेस की महत्वपूर्ण जानकारी जैसे लाभ, खर्च और विकास की जानकारी देती हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए  बजट और मार्केटिंग जैसी भविष्य की योजनाओं पर भी काम किया जा सकता है। इससे बिज़नेस को सही तरीक़े से चलाने और उसे आगे बढ़ाने में आसानी होती है।</span></p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-169" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-5-1.jpeg" alt="Business reports" width="900" height="600" title="Business Reports जो आपके बिज़नेस को अच्छे से चलाने में मदद कर सकती हैं 3" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-5-1.jpeg 900w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-5-1-300x200.jpeg 300w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-5-1-768x512.jpeg 768w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></p>
<h4><b>हर व्यवसाय के लिए ज़रूरी होती हैं ये बिज़नेस रिपोर्ट्स:</b></h4>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>ट्रांजेक्शन रिपोर्ट:</b><span style="font-weight: 400;"> ये रिपोर्ट बिज़नेस में होने वाले रोज़ाना के ट्रांजेक्शन की पूरी और सटीक जानकारी देती है। इसमें डे बुक्स और सेल्स रिपोर्ट्स आदि शामिल होती हैं।</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>इन्वेंटरी रिपोर्ट:</b><span style="font-weight: 400;"> यह रिपोर्ट बिज़नेस की सबसे ज़रूरी रिपोर्ट्स में से एक होती है। यह आपको बेहतर योजना बनाने में मदद करने के लिए इन्वेंटरी में मौजूद चीजों की विस्तृत जानकारी देती है।</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>पार्टी रिपोर्ट:</b><span style="font-weight: 400;"> यह रिपोर्ट ग्राहकों द्वारा मिलने वाले बकाया पैसे और विक्रेताओं को दिए जाने वाले पैसे की विस्तृत जानकारी देती है।</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>बिज़नेस फ़ाइनेंस रिपोर्ट:</b><span style="font-weight: 400;"> यह रिपोर्ट किसी भी बिज़नेस के कैशफ़्लो, प्रॉफ़िट/लॉस, बैलेंस शीट आदि के बारे में विस्तार से जानकारी देती है।</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><b>एक्सपेंस/इनकम रिपोर्ट:</b><span style="font-weight: 400;"> यह रिपोर्ट आपके बिज़नेस की पूरी इनकम और उसमें होने वाले सभी ख़र्चों (Expenses) की जानकारी देती है।</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">ये सभी रिपोर्ट निश्चित रूप से आपके बिज़नेस के लिए सही और बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकती हैं। इसलिए किसी सलाह लेने या पड़ोसी के बिज़नेस को देख कर निर्णय लेने के बजाय आप अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने या उससे संबंधी योजना बनाने के लिए आप इन रिपोर्टों का सहारा ले सकते हैं।</span></p>
<h4><b>इन रिपोर्टों को प्राप्त करना है मुश्किल:</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">यह तो सही है कि बिज़नेस को आगे बढ़ाने में ये सभी रिपोर्ट काफ़ी मदद कर सकती हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल है कि इन रिपोर्टों को प्राप्त कैसे किया जाए। मैनुअल रूप से इन रिपोर्टों को तैयार करने में काफ़ी परेशानी होती है और बहुत ज़्यादा समय भी बर्बाद होता है। बड़े बिज़नेस के लिए यह काम करना थोड़ा आसान होता है, क्योंकि उनके पास काफ़ी पैसा और कर्मचारी होते हैं। लेकिन छोटे बिज़नेस के लिए यह सभी रिपोर्ट पाना बहुत ही मुश्किल काम है।</span></p>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-166 aligncenter" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-scaled.jpg" alt="Business reports " width="2560" height="1695" title="Business Reports जो आपके बिज़नेस को अच्छे से चलाने में मदद कर सकती हैं 4" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-scaled.jpg 2560w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-300x199.jpg 300w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-1024x678.jpg 1024w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-768x509.jpg 768w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-1536x1017.jpg 1536w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/lukas-blazek-mcSDtbWXUZU-unsplash-1-2048x1356.jpg 2048w" sizes="(max-width: 2560px) 100vw, 2560px" /></p>
<p><span style="font-weight: 400;">हालांकि, अब आपको उसके बारे में ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि, अब OpenBook आपकी इस समस्या का समाधान चुटकियों में कर सकता है। जी हां, हम बिलकुल भी मजाक नहीं कर रहे हैं। आप खुद ही देख लीजिए।</span></p>
<h4><b>OpenBook छोटे और सूक्ष्म उद्योगों को प्रदान करता है 25 से ज़्यादा business reports:</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">OpenBook ने भारत के सभी छोटे और सूक्ष्म उद्योगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखा और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करने के लिए 25 से ज़्यादा business reports देखने की सुविधा प्रदान की। OpenBook द्वारा प्रदान की जाने वाली इन रिपोर्टों की सबसे अच्छी बात ये है कि ये सभी ऑटोमेटिक हैं। इसलिए अब से आपको ये सभी रिपोर्टें मैनुअली नहीं बनानी होंगी। अपने <a href="https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-20-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">बिज़नेस की बिलिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग और टैक्स को मैनेज़ करने के लिए आप OpenBook</a> का इस्तेमाल कीजिए और तुरंत ये सभी बिज़नेस रिपोर्ट प्राप्त कीजिए।</span></p>
<p><b>OpenBook द्वारा प्रदान की जाने वाली बिज़नेस रिपोर्टें:</b></p>
<p><span style="font-weight: 400;">1- ट्रांजेक्शन रिपोर्ट</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">डे बुक</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">सेल्स रिपोर्ट</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ रिपोर्ट</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">2- ऑर्डर और चालान</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">सेल्स ऑर्डर</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">पर्चेज़ ऑर्डर</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">डिलीवरी चालान</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">3- फ़ाइनल रिपोर्ट</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">कैशफ़्लो</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">ट्रायल बैलेंस</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">प्रॉफ़िट और लॉस रिपोर्ट</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">बैलेंस शीट</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">4- आइटम/स्टॉक रिपोर्ट</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">स्टॉक समरी</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">लो स्टॉक समरी</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">आइटम सेल्स समरी</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">रेट लिस्ट</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">5- पार्टी</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">मिलने वाला पैसा</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">दिया जाने वाला पैसा</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">आइटम द्वारा पार्टी रिपोर्ट</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">पार्टी वाइज़ बकाया</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">6- इनकम और एक्सपेंसेस</span></p>
<ul>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">इनकम ट्रांजेक्शन</span></li>
<li style="font-weight: 400;" aria-level="1"><span style="font-weight: 400;">एक्सपेंस ट्रांजेक्शन</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">इन सबके अलावा आपको GST रिपोर्ट जैसे GSTR 1, GSTR 2, GSTR 3B भी मिलती है, जिससे आपके बिज़नेस को मैनेज़ करने में काफ़ी आसानी होती है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">यह सब जानकर आपको नहीं लगता है कि इसकी मदद से आप अपना बिज़नेस अच्छे से मैनेज़ कर सकते हैं। OpenBook बिलिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग के साथ ही GST सबको एक जगह पर मैनेज़ करने की सुविधा प्रदान करता है। इससे आप अपने छोटे बिज़नेस को आसानी से मैनेज़ कर सकते हैं। तो फिर इंतज़ार किस बात का&#8230;. आज ही <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=co.openbook" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook ऐप डाउनलोड</a> कीजिए और अपना <a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank">#BusinessकरोSimple</a>.</span></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://blog.openbook.co/hi/business-reports-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>OpenBook की ऑटोमैच सुविधा आपके बिज़नेस की accounting को कैसे आसान बनाती है?</title>
		<link>https://blog.openbook.co/hi/how-your-accounting-is-simplified-by-openbooks-automatch-2/</link>
					<comments>https://blog.openbook.co/hi/how-your-accounting-is-simplified-by-openbooks-automatch-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Jun 2021 12:04:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अकाउंटिंग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blog.openbook.co/?p=152</guid>

					<description><![CDATA[कोई भी बिज़नेस चलाने के लिए उसके फ़ाइनेंस को मैनेज़ करना बहुत ज़रूरी होता है। ऐसे में बिज़नेस फ़ाइनेंस की accounting को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। छोटे और सूक्ष्म बिज़नेस (MSMEs) के लिए यह और भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उनके पास अक्सर संसाधनों (Resources) की कमी होती है। ऐसे में संसाधनों का [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">कोई भी बिज़नेस चलाने के लिए उसके फ़ाइनेंस को मैनेज़ करना बहुत ज़रूरी होता है। ऐसे में बिज़नेस फ़ाइनेंस की accounting को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। छोटे और सूक्ष्म बिज़नेस (MSMEs) के लिए यह और भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उनके पास अक्सर संसाधनों (Resources) की कमी होती है। ऐसे में संसाधनों का सही मैनेज़मेंट ही बिज़नेस को आगे बढ़ा सकता है। आइए आपको अकाउंटिंग के बारे में विस्तार से बताते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">अगर साधारण शब्दों में कहें तो, अकाउंटिंग एक ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसके माध्यम से किसी भी बिज़नेस डाटा के सभी महत्वपूर्ण बातों को अच्छे से समझा जा सकता है। किसी भी बिज़नेस के बिज़नेस फ़ाइनेंस की अकाउंटिंग को देखकर उस बिज़नेस के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है। जैसे वह बिज़नेस विकसित हो रहा है या घाटे में चल रहा है आदि।</span></p>
<h4><b>आपके बिज़नेस में अकाउंटिंग ऐसे कर सकती है मदद</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">हालांकि, अब हम जान चुकें हैं कि अकाउंटिंग क्या होती है, तो इस सवाल का जवाब बहुत ही आसान होगा,</span></p>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस के प्रदर्शन (Performance) का बेहतर विश्लेषण (Analysis) करने में</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">बिज़नेस को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर निर्णय लेने में</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">इसके अलावा, बिज़नेस फ़ाइनेंस को कैसे बेहतर तरीके से मैनेज़ किया जाए, इसमें भी अकाउंटिंग मदद करती है।</span></li>
</ul>
<p><img decoding="async" class="size-full wp-image-153 aligncenter" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-1-1.jpeg" alt="OpenBook Accounting" width="900" height="600" title="OpenBook की ऑटोमैच सुविधा आपके बिज़नेस की accounting को कैसे आसान बनाती है? 7" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-1-1.jpeg 900w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-1-1-300x200.jpeg 300w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-1-1-768x512.jpeg 768w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></p>
<h4><b>वर्तमान में ज़्यादातर बिज़नेस अपनी अकाउंटिंग ऐसे करते हैं मैनेज</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">समय और संसाधन बचाने के चक्कर में अक्सर छोटे व्यवसायी बिज़नेस के फ़ाइनेंस की अकाउंटिंग को अनदेखा कर देते हैं। यह बताने की ज़रूरत नहीं है कि अगर हिसाब-किताब सही तरीके से किया जाए तो काफ़ी पैसा बचाया जा सकता है, जबकि गलत तरीके से करने पर काफ़ी पैसा बर्बाद भी हो सकता है। ऐसे में बिज़नेस की अकाउंटिंग को भूलकर भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।</span></p>
<h4><b>आइए इसको दो उदाहरणों के माध्यम से समझते हैं</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">इलाहाबाद वाले यादव जी तो आपको याद ही होंगे? अरे वही, यादव जी जो इलाहाबाद में कपड़े की दुकान चलाते हैं। कुछ समय पहले तक वो अपने बिज़नेस की पूरी बिलिंग और बही-खाता पुराने तरीके से मैनेज़ करते थे और हर महीने के अंत तक काफ़ी पेपर बिल इकट्ठा कर लेते थे। इस पूरे मामले में सबसे परेशानी की बात यह थी कि वह खुद की लिखावट भी नहीं समझ पाते थे। इस वजह से उन्हें अपने बिज़नेस के फ़ाइनेंस को मैनेज़ करने में  काफ़ी परेशानी होती थी। यह उनके बिज़नेस के लिए बहुत ही ज़्यादा बुरा था।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">यादव जी की तरह ही राहुल सिंह भी एक बिज़नेस चलाते हैं। हालांकि, वो कपड़े की दुकान नहीं मोबाइल की दुकान चालाते हैं। इस वजह से वो तकनीकी रूप से ज़्यादा जानकार हैं और अपने बिज़नेस के ट्रांजेक्शन को रिकॉर्ड करने के लिए स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल करते हैं। इसके बाद भी हर महीने के अंत में उन्हें पेमेंट और इनवॉइस को मैच करना पड़ता है। इसे मैनुअली करने में काफ़ी परेशानी होती है और बहुत ज़्यादा समय भी बर्बाद होता है।</span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="size-full wp-image-154 aligncenter" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-3-1.jpeg" alt="OpenBook Accounting" width="900" height="600" title="OpenBook की ऑटोमैच सुविधा आपके बिज़नेस की accounting को कैसे आसान बनाती है? 8" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-3-1.jpeg 900w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-3-1-300x200.jpeg 300w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/06/blog-accounting-3-1-768x512.jpeg 768w" sizes="(max-width: 900px) 100vw, 900px" /></p>
<p><span style="font-weight: 400;">दोनों ही मामलों में हमने देखा कि किसी ने भी अपने बिज़नेस फ़ाइनेंस को कुशल तरीके से मैनेज़ नहीं किया, जिसकी वजह से उन्हें काफ़ी परेशानी हुई। तो अब सबसे बड़ा सवाल आता है कि &#8220;बिज़नेस की अकाउंटिंग को आख़िर कैसे अच्छे से मैनेज़ करें?&#8221; आपकी इस समस्या का समाधान बहुत ही आसान है और इसके साथ आप  #BusinessकरोSimple के रास्ते पर भी आगे बढ़ सकते हैं।</span></p>
<h4><b>OpenBook ऑटोमैच द्वारा बिज़नेस अकाउंटिंग को आसान बनाता है</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;"><strong><a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook</a> </strong>को पूरे भारत के 6 करोड़ से ज़्यादा छोटे और सूक्ष्म उद्योगों की ज़रूरतों को ध्यान में रख कर बनाया गया है। इसलिए हमें अच्छे से पता है कि छोटा बिज़नेस चलाने वाले व्यवसायी समय बचाने के साथ-साथ बिज़नेस को आगे बढ़ाने पर ज़्यादा ध्यान देते हैं। जिसमें OpenBook काफ़ी मदद कर सकता है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">यहां, हम आपको बताएंगे कि कैसे OpenBook किसी भी छोटे बिज़नेस की अकाउंटिंग को आसान बनाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आप OpenBook से 3 आसान स्टेप्स में <a href="https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%85%e0%a4%ac-sales-invoice-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8/">GST सहित इनवॉइस</a> बना सकते हैं:</span></p>
<ol>
<li><span style="font-weight: 400;">पार्टी ऐड करें</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">आइटम ऐड करें</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">राशि ऐड करें</span></li>
</ol>
<p><span style="font-weight: 400;">आपको बता दें कि OpenBook से बनाई गई डिजिटल इनवॉइस पार्टियों (ग्राहक/विक्रेता) को सीधे व्हाट्सऐप या ईमेल के माध्यम से उनके मोबाइल पर भेजी जा सकती है। वहीं, अगर आप अपने पास फ़िज़िकल बिल भी रखना चाहते हैं, तो आप इनवॉइस का PDF वर्जन डाउनलोड कर सकते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">इसके बाद आपकी पार्टी अपने पसंद के पेमेंट मोड द्वारा पेमेंट लिंक पर क्लिक करके सीधे उस इनवॉइस की पेमेंट कर सकती है। जैसे ही पार्टी पेमेंट करती है, OpenBook अपने आप ही उस पेमेंट की डिटेल्स जैसे इनवॉइस की राशि और पेमेंट की गई राशि को मैच कर देती है। जिससे आपको पेमेंट को मैच कराने की ज़रूरत नहीं पड़ती है।</span></p>
<p class="responsive-video-wrap clr"><iframe title="How automatch works in OpenBook" width="1200" height="675" src="https://www.youtube.com/embed/V0Y4YYQ4A_A?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<h4><b>बिज़नेस फ़ाइनेंस को मैनेज़ करने में OpenBook ऑटोमैच के फ़ायदे</b></h4>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">बिलों और इनवॉइस के पेमेंट को मैच कराने पर लगने वाले समय की बचत करें</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">मैनुअल अकाउंटिंग के लिए लगने वाले समय और मेहनत की बचत करें</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">गलती की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि यह पेमेंट लिंक और ऑटोमेटिक अकाउंटिंग के साथ इनवॉइस बनाता है</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">OpenBook की ऑटोमैच सुविधा ऑटोमेटिक अकाउंटिंग को बिज़नेस फ़ाइनेंस को अच्छे से और तुरंत मैनेज़ के लिए इनेबल करती है। ऐसे <a href="https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-20-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">समय की ज़्यादा बचत की जा सकती है</a>, जिसका इस्तेमाल अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने में लगाया जा सकता है।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">OpenBook छोटे बिज़नेस की बिलिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग से लेकर GST तक सब कुछ एक जगह पर मैनेज़ करने की सुविधा प्रदान करती है। तो देर किस बात की आज ही <a href="https://bit.ly/3vsQ4SJ" rel="nofollow noopener" target="_blank">OpenBook App डाउनलोड करें</a> और अपना <a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank"><strong>#BusinessकरोSimple</strong></a>.</span></p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://blog.openbook.co/hi/how-your-accounting-is-simplified-by-openbooks-automatch-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हर सप्ताह 20 घंटे बचाने के लिए अपने बिज़नेस के फ़ाइनेंस को इस तरह करें मैनेज</title>
		<link>https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-20-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/</link>
					<comments>https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-20-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[OpenBook]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 May 2021 12:34:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अकाउंटिंग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blog.openbook.co/?p=95</guid>

					<description><![CDATA[यादव जी इलाहाबाद में कपड़े की दुकान चलाते हैं। कपड़ों के बिज़नेस को उनके पिताजी ने 30 साल पहले खोला था। तब से लेकर अब तक दुनिया में कई बदलाव हुए, लेकिन यादव जी के बिज़नेस करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया। आज भी यादव जी अपने बिज़नेस के फ़ाइनेंस को मैनेज़ करने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="font-weight: 400;">यादव जी इलाहाबाद में कपड़े की दुकान चलाते हैं। कपड़ों के बिज़नेस को उनके पिताजी ने 30 साल पहले खोला था। तब से लेकर अब तक दुनिया में कई बदलाव हुए, लेकिन यादव जी के बिज़नेस करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया। आज भी यादव जी अपने बिज़नेस के फ़ाइनेंस को मैनेज़ करने के लिए बही-खाता, कैलकुलेटर और कैलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनका बिज़नेस ठीक-ठाक चलता तो है, लेकिन अब तक बहुत ज़्यादा आगे नहीं बढ़ पाया।</span></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-85 size-full" src="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/Kirana-store-2.png" alt="OpenBook to manage business finances-Billing, Banking, Accounting, GST" width="891" height="590" title="हर सप्ताह 20 घंटे बचाने के लिए अपने बिज़नेस के फ़ाइनेंस को इस तरह करें मैनेज 10" srcset="https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/Kirana-store-2.png 891w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/Kirana-store-2-300x199.png 300w, https://blog.openbook.co/wp-content/uploads/2021/05/Kirana-store-2-768x509.png 768w" sizes="(max-width: 891px) 100vw, 891px" /></p>
<p><span style="font-weight: 400;">इसी से पता चलता है कि उन्हें भी अपने तरीकों में बदलाव की ज़रूरत है। यादव जी की तरह ही कई अन्य व्यवसायी आज भी पुराने तरीके से बिज़नेस करते हैं और बिज़नेस के फ़ाइनेंस को मैनेज करने के लिए हर सप्ताह 15-20 घंटे समय बिताते हैं। इससे वे अपना पूरा ध्यान बिज़नेस को आगे बढ़ाने पर नहीं लगा पाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि बिज़नेस पुराना होने के बाद भी सामान्य गति से आगे बढ़ता है।समय के साथ ही बिज़नेस के फ़ाइनेंस को मैनेज़ करने का तरीका भी बदल चुका है। यह बात अब यादव जी जैसे छोटे व्यवसायी भी समझने लगे हैं।</span></p>
<h4><b>वर्तमान में इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं सूक्ष्म और छोटे बिज़नेस (MSMEs):</b></h4>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">ग्राहकों और विक्रेताओं की सभी बिक्री इनवॉइस (Sale Invoice) और ख़रीद बिलों (Purchase Bills) की कॉपी को हमेशा संभाल कर रखना।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">भुगतान (Payments) के लिए बार-बार ग्राहकों से विनती करना।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">रुके हुए भुगतान (Pending Payments) और जमा राशि की जांच करने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर लगाना।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">स्टॉक की पूरी जानकारी के लिए इंवेंटरी के रिकॉर्ड मेंटेन करना।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">सबसे बड़ी बात डिजिटल इंडिया के समय में भी सारे हिसाब-किताब बही-खाता पर दर्ज करना।</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">इसके अलावा टैक्स के बारे में पता करने के लिए हर महीने के अंत में अकाउंटेंट का चक्कर लगाना।</span></li>
</ul>
<p><span style="font-weight: 400;">वर्तमान में सूक्ष्म और छोटे बिज़नेस (MSMEs) काफ़ी विकसित हो चुके हैं। इस काम में सस्ते स्मार्टफ़ोन, किफ़ायती इंटरनेट और ऑनलाइन भुगतान सुविधा ने काफ़ी मदद की है। भारत की लगभग आधी अर्थव्यवस्था MSMEs के ऊपर ही आधारित है। ऐसे में अगर ये पीछे रहेंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था भी पीछे ही रहेगी। अब 2021 में व्यवसायी अपने बिज़नेस को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए तकनीकी का सहारा ले रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">लेकिन क्या आज पूरी तरह से यह समस्या ख़त्म हो गई है? शायद नहीं। दरअसल, आज भी कई व्यवसायी हैं, जो यादव जी की तरह पुराने तरीके से बिज़नेस करते हैं। वहीं, कई व्यवसायी ऐसे भी हैं, जो अपने बिज़नेस को अच्छे से चलाने और मैनेज़ करने के लिए एक साथ कई प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ज़्यादातर व्यवसायी आज भी अपनी इंवेंटरी, इनवॉइस, बैंक अकाउंट, पेमेंट, बही-खाता, GST आदि को मैनेज़ करने के लिए 6 अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनका काफ़ी समय बर्बाद होता है।</span></p>
<h4><b>अलग-अलग ऐप्स का इस्तेमाल करने से होने वाली परेशानियां:</b></h4>
<ul>
<li><span style="font-weight: 400;">अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके बिज़नेस मैनेज करने से समय की बर्बादी</span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">एक व्यक्ति के लिए बिज़नेस की इन सभी ज़रूरतों को मैनेज करना काफ़ी मुश्किल </span></li>
<li><span style="font-weight: 400;">बार-बार प्लेटफ़ॉर्म बदलने से गलती होने की संभावना</span></li>
</ul>
<h4><b>OpenBook की मदद से ऐसे अपने बिज़नेस को बना सकते हैं आसान</b></h4>
<p><span style="font-weight: 400;">OpenBook न केवल भारत बल्कि विश्व स्तर पर भारत का पहला ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है, जो एक ही जगह पर बिज़नेस से जुड़ी हर ज़रूरत का पूरा करता है। अब आप आसानी से<strong> <a href="https://blog.openbook.co/hi/openbook-%e0%a4%8f%e0%a4%95-app-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf/">अपने बिज़नेस की बिलिंग, बैंकिंग, अकाउंटिंग और टैक्स को आसानी से मैनेज कर सकते हैं</a></strong>।</span></p>
<p class="responsive-video-wrap clr"><iframe title="What is OpenBook? | Understanding the App" width="1200" height="675" src="https://www.youtube.com/embed/kI5FCLUg0DM?start=11&#038;feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p><span style="font-weight: 400;">अब यादव जी OpenBook की मदद से अपने ग्राहकों के लिए बिक्री की डिजिटल इनवॉइस बना कर उसे व्हाट्सऐप पर शेयर कर सकते हैं। वहीं, उनके ग्राहक अपने पसंदीदा पेमेंट मोड द्वारा बिक्री की इनवॉइस में दिए गए पेमेंट लिंक के माध्यम से तुरंत पेमेंट कर सकते हैं। जैसे ही ग्राहक पेमेंट करेंगे, इस पेमेंट की जानकारी अपने आप OpenBook अकाउंटिंग और जुड़े हुए बैंक अकाउंट में दर्ज हो जाएगी। केवल यही नहीं यादव जी अपने बिज़नेस से जुड़ी हुई 25 से ज़्यादा अलग-अलग तरह की अपने आप जनरेट होने वाली रिपोर्ट देख सकते हैं। इसके साथ ही यादव जी अब OpenBook का इस्तेमाल करके तुरंत GST भी फ़ाइल कर सकते हैं। अब आपको पता चल गया होगा कि हम क्यों <strong><a href="https://openbook.co/" rel="nofollow noopener" target="_blank">#BusinessकरोSimple</a> </strong>कहते हैं।</span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">अब कल्पना कीजिए कि OpenBook का इस्तेमाल करके आप बिज़नेस से जुड़े सभी काम मैनेज करने में कितना समय बचा सकते हैं। इस समय का इस्तेमाल आप ग्राहकों पर ध्यान देने और अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने में लगा सकते हैं। </span></p>
<p><span style="font-weight: 400;">तो अब आप किस बात का कर रहे हैं इंतज़ार? बिना समय गंवाए तुरंत<strong> <a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=co.openbook" rel="nofollow noopener" target="_blank">डाउनलोड करें OpenBook</a> </strong>और अपने बिज़नेस को आसान बनाएं।</span></p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://blog.openbook.co/hi/%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-20-%e0%a4%98%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
